नियमित व्यायाम करें:

तेज चलना, दौड़ना, साइकिल चलाना या तैराकी जैसी गतिविधियाँ दिल को मजबूत बनाने और संचार प्रणाली में सुधार लाने में मदद करती हैं।

धूम्रपान छोड़ें:

धूम्रपान दिल की बीमारियों का प्रमुख कारण है। धूम्रपान छोड़ना दिल की सेहत सुधारने के सबसे प्रभावी तरीकों में से एक है।

शराब छोड़ें:

अत्यधिक शराब का सेवन रक्तचाप बढ़ा सकता है और दिल की बीमारियों का कारण बन सकता है। अमेरिकी हार्ट एसोसिएशन 60 ml  ड्रिंक तक सीमित रहने की सिफारिश करती है। 

संतुलित आहार अपनाएं:

अपने भोजन में फल, सब्जियां, साबुत अनाज, कम वसा वाले प्रोटीन और स्वस्थ वसा शामिल करें। संतृप्त वसा, ट्रांस वसा और अधिक चीनी से बचें। 

स्वस्थ वजन बनाए रखें:

मोटापा दिल की बीमारियों, उच्च रक्तचाप और मधुमेह का जोखिम बढ़ाता है।

अच्छी नींद लें:

पर्याप्त नींद न लेना दिल की बीमारियों का कारण बन सकता है। प्रति दिन 7-8 घंटे नींद लें।

हाइड्रेटेड रहें:

निर्जलीकरण से रक्त गाढ़ा हो सकता है, जिससे रक्त के थक्कों और दिल पर दबाव का खतरा बढ़ जाता है। दिन भर में पर्याप्त पानी पीएं, खासकर गर्म मौसम में या व्यायाम के दौरान।

रक्तचाप की निगरानी करें:

उच्च रक्तचाप, जिसे "साइलेंट किलर" भी कहा जाता है, दिल के दौरे और स्ट्रोक का खतरा बढ़ा देता है।अगर जरूरत हो तो दवाएं और जीवनशैली में बदलाव, जैसे कम नमक, नियमित व्यायाम और तनाव प्रबंधन अपनाएं।

कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित करें:

उच्च कोलेस्ट्रॉल धमनियों में प्लाक जमा कर सकता है, जिससे दिल के दौरे और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। नियमित कोलेस्ट्रॉल जांच कराएं। 

मधुमेह का प्रबंधन करें:

मधुमेह से  दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ता है। आहार, व्यायाम और दवाओं के माध्यम से मधुमेह का प्रबंधन करें।

दिल की देखभाल के लिए ये कदम उठाने से दिल की बीमारियों का खतरा काफी कम हो सकता है। डॉ. बिपिन कहते हैं, "रोकथाम और जीवनशैली में बदलाव दिल की सेहत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अपनी सेहत का ध्यान रखें ताकि भविष्य में समस्याओं से बचा जा सके।"